Friday, 11 June 2010

प्रार्थना

हे प्रभु हम को अपना लो , न जाने जायें कहाँ पर हम
हमें राह दिखा दो खुद से मिलन की भटक न जायें हम

याद नहीं हमें कोई भी वादा, प्रभु वादे कैसे निभाएं हम
आन मिलो प्यारे कब से तड़पें, प्रभु कर दो हम पे रहम

लो न हमारी, हे स्वामी परीक्षा , तेरे बिसरे हुए बालक हम
ज्ञानांजन दो हमको, सत्यपथ पर आगे बढ़ते जायें हम

दोष न देखो न करम विचारो, तेरी शरण में आये हम
दया करो हम पर हे करूणा सागर, भटक न जायें हम

भक्ति नहीं और ज्ञान नहीं है, "कादर" तुम्हें कैसे पाएं हम
हाथ पकड़कर राह दिखा दो, प्रभु कहीं भटक न जायें हम


केदार नाथ "कादर"
kedarrcftkj.blogspot.com

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