सने हाथ अपने खूं से नजर आयेंगे
गिरेबां जो अपना अगर देख लोगे
वजूद अपना हर हाल में खो चुकोगे
अगर जो गुनाह खुद का देख लोगे
कितने चरागों को बे वजह बुझाया
खुद जल उठोगे अगर जान लोगे
यक़ीनन यक़ीनन तुम मर चुके हो
क्या सारे जहाँ की तुम जान लोगे
"कादर" अपनी सूरत से भी डरोगे
अगर आईने में उसे देख लोगे
केदारनाथ"कादर"
kedarrcftkj .blogspot .com
Tuesday, 1 June 2010
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