Tuesday, 1 June 2010

नेताओं के नाम

सने हाथ अपने खूं से नजर आयेंगे
गिरेबां जो अपना अगर देख लोगे

वजूद अपना हर हाल में खो चुकोगे
अगर जो गुनाह खुद का देख लोगे

कितने चरागों को बे वजह बुझाया
खुद जल उठोगे अगर जान लोगे

यक़ीनन यक़ीनन तुम मर चुके हो
क्या सारे जहाँ की तुम जान लोगे

"कादर" अपनी सूरत से भी डरोगे
अगर आईने में उसे देख लोगे

केदारनाथ"कादर"
kedarrcftkj .blogspot .com

No comments:

Post a Comment

कृप्या प्रतिक्रिया दें, आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्व पूर्ण है इस से संशोधन और उत्साह पाकर हम आपको श्रेष्ठतम सामग्री दे सकेंगे! धन्यवाद -तिलक संपादक