Wednesday, 16 June 2010

ये हैं बारिश की बूंदें

बूंदें हैं ये बारिश की
ये हैं बारिश की बूंदें
खलिहानों में सोने जैसी
ये हैं बारिश की बूंदें

तपते तन पर हैं राहत
आशिक तन पर चाहत
विरही मन पर तीर जैसी
ये हैं बारिश की बूंदें

बच्चों के उजले चेहरों पर
हैं किलकारी सी बूंदें
मुरझाये पेड़ों पर जीवन जैसी
ये हैं बारिश की बूंदें

खुले नभ नीचे बेघरों को
हैं ये आफत जैसी बूंदें
रचती हैं ये इन्द्रधनुष भी
ये हैं बारिश की बूंदें

नहा संवारकर करती प्रकृति
उजली - नवयौवना सी बूंदें
जीवन के सरे रंगों में "कदर"
ये हैं बारिश की बूंदें

केदारनाथ "कादर"
kedarrcftkj.blogspot.com

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