बूंदें हैं ये बारिश की
ये हैं बारिश की बूंदें
खलिहानों में सोने जैसी
ये हैं बारिश की बूंदें
तपते तन पर हैं राहत
आशिक तन पर चाहत
विरही मन पर तीर जैसी
ये हैं बारिश की बूंदें
बच्चों के उजले चेहरों पर
हैं किलकारी सी बूंदें
मुरझाये पेड़ों पर जीवन जैसी
ये हैं बारिश की बूंदें
खुले नभ नीचे बेघरों को
हैं ये आफत जैसी बूंदें
रचती हैं ये इन्द्रधनुष भी
ये हैं बारिश की बूंदें
नहा संवारकर करती प्रकृति
उजली - नवयौवना सी बूंदें
जीवन के सरे रंगों में "कदर"
ये हैं बारिश की बूंदें
केदारनाथ "कादर"
kedarrcftkj.blogspot.com
Wednesday, 16 June 2010
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Atyant sundar.. mohak kriti :)
ReplyDeleteMiss Sparkle